आँसू आते नहीं पलकों पे
बात आती नहीं जुबान पे
ये कौनसी दुनिया है
यकीन रहा ना मेरा खुद पे
घिरी हुई हु अज्नबीओ से
दूर हो रही हु अपने आप से
ये कौनसी दुनिया है
पहचान खो रही मेरी मुझसे
ये तो सोचा ना था खयालो में
उड़ान भरी थी कल्पनाओ में
ये कौनसी दुनिया है
कुछ और ही है यहाँ हकीकत में
भूल रही हु जीना खुल के
वक़्त बिताना साथ अपनों के
ये कौनसी दुनिया है
सांया भी चल पड़ा मुझे छोड़ के
बात आती नहीं जुबान पे
ये कौनसी दुनिया है
यकीन रहा ना मेरा खुद पे
घिरी हुई हु अज्नबीओ से
दूर हो रही हु अपने आप से
ये कौनसी दुनिया है
पहचान खो रही मेरी मुझसे
ये तो सोचा ना था खयालो में
उड़ान भरी थी कल्पनाओ में
ये कौनसी दुनिया है
कुछ और ही है यहाँ हकीकत में
भूल रही हु जीना खुल के
वक़्त बिताना साथ अपनों के
ये कौनसी दुनिया है
सांया भी चल पड़ा मुझे छोड़ के