Saturday, April 24, 2010

दोस्ती

जब तुम अकेले होते हो

किसी का नहीं होता सहारा

एक दोस्त की कमी मेहसूस होती है

तनहा लगता है जग सारा


कोई पास रहे या न रहे

दोस्त का सदा होता है साथ

कोई चाहे करे न विश्वास

कंधे पर रहता है दोस्त का हाथ


अकेले होते है कुछ काज

पूर्ण होते है वोह साथ दोस्त के

यह दिन तो हो जाये पार

दोस्ती से ख़ुशी आये हर दिन में


एक यार बिना जीवन अधुरा

अगर दोस्त नहीं तो जीना है व्यर्थ

सुच दुःख में साथ देना

एक सचे साथी का है अर्थ


किसी दोस्त पर मरना नहीं मुश्किल

परन्तु ऐसा दोस्त ढूँढना

जिस पर जान दी जाये

उन्हें है कठिन चुनना


दोस्ती की है वाही व्याख्या

स्वार्थ का नहीं जिसमे स्थान

एक दुसरे की परेशानी समझे

उसे सुलझा , फिर गए प्रेम गान .


Saturday, April 17, 2010

जुदाई

सोचा न था हमने कभी
जिंदगी में तुम आओगे एक दिन
और करके हमें तनहा
चले जाओगे कुछ कहे बिन

सोचा न था हमने कभी
जीवन में आप आये ही क्यूँ
जब राह चुन्नी थी और कोई
मंजिल हमें बनाया क्यूँ

सोचा न था हमने कभी
दूर चले जाओगे एक दिन कही
और ये निगाहे इंतजार में
बंद हो जाएगी शायद कभी

सोचा न था हमने कभी
चल पड़ेंगे हम भी उस रह पर
जिसकी कोई नहीं मंजिल
कदम कदम पर मिलती है सिर्फ ठोकर

सोचा न था हमने कभी
ऐसे मोड़ पर ले आएगी जिंदगी
जब फर्क समझना होगा मुश्किल
क्या है मोह्हबत और क्या बंदगी

सोचा न था हमने कभी
ऐसा भी कभी होता है
एक आँख ख़ुशी से छलके
और एक में टुटा ख्वाब होता है

सोचा न था हमने कभी
जुदाई का भी एहसास होगा
बहार लेकर आये थे
पतझर का अब वास होगा

Saturday, April 10, 2010

यह ज़िन्दगी क्या है ??

यह ज़िन्दगी क्या है ?

ये बात किसी की समझ में न आई

कोई कहता है इसे विशाल पर्वत

तो कोई छोटी सी राइ ;


यह ज़िन्दगी क्या है ?

ये तो है कोई पहेली

जिसने इसे सुलझा दिया

उसने अपनी दुनिया जी ली ;


यह ज़िन्दगी क्या है ?

ये है एक विशाल मेला

इसमें कई लोग आते जाते है

कुछ साथियो के साथ तो कोई अकेला ;


यह ज़िन्दगी क्या है ?

ये है किसी रेलगाड़ी का सफ़र

किसका साथ कितना रहे

ये आश्रित है ,मुसाफिरों के आने जाने पर ;


यह ज़िन्दगी क्या है ?

ये खेल है एक शतरंज का

जिसकी चल अधिक सटीक

वो हो जाये हक़दार जीत का ;


यह ज़िन्दगी क्या है ?

ये है विचारो का समझोता

जो इसके आधार पे चले वो सुखी

इसका उलंघन करने पर , वह अंत में रोता ;


यह ज़िन्दगी क्या है ?

इस बात का जिसने उत्तर पाया

उसकी रूह हो जाए अमर

भले ही , मिटटी में मिले उसकी काया ........